Deodar Ke Phool (Hardback)
क्या आप भी अक्सर उन चीज़ों की तलाश में होते हैं जिनका अस्तित्व है ही नहीं और ज़िंदगी इसी कशमकश में गुज़ार देते हैं कि वो होता तो कैसा होता?
यह कविता संग्रह मन के उन्हीं कोमल कोनों तक पहुँचता है, जहाँ पुरानी यादें साँस लेती हैं, रिश्ते ख़ामोशी से बदलते हैं और आत्ममंथन के बीच सुकून की तलाश जारी रहती है। ये कविताएँ खोने में भी ख़ुशी ढूँढ़ने, टूटकर फिर उठने और अकेलेपन में भी स्वयं में संपूर्ण होने का हौसला देती हैं।
यह संग्रह उन एहसासों के नाम है, जो कहे नहीं गए, उन रिश्तों के नाम हैं, जो पीछे छूट गए, और उस उम्मीद के नाम है, जो हर बार हमें फिर से जीना सिखाती है।
तक़दीर की बेसब्र रफ़्तार से
ज़िंदगी की हारी हुई चाल से
लड़खड़ाते क़दमों को सँभालते
हाँ, वो पापा ही थे।
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Book Details
Author: Asha Seth
Pages: 120
Format: Hardback
Language: Hindi
ISBN: 9788165200169
Category: Poetry / General
